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शिमला एयर कनेक्टिविटी पर हिमाचल हाईकोर्ट सख्त:केंद्र सरकार को नोटिस जारी

हिमाचल हाईकोर्ट ने शिमला एयर कनेक्टिविटी बाधित न होने देने के निर्देश दिए

केंद्र सरकार को अगली सुनवाई तक हलफनामा दाखिल करने का आदेश

7 महीने बाद दिल्ली-शिमला उड़ान सेवा 11 मई से फिर शुरू हुई


हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला की हवाई सेवाओं को लेकर अब हिमाचल हाईकोर्ट सख्त नजर आया है। कोर्ट ने केंद्र सरकार को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि भविष्य में शिमला एयर कनेक्टिविटी में किसी तरह की रुकावट नहीं आनी चाहिए। अदालत ने केंद्र सरकार से अगली सुनवाई तक विस्तृत हलफनामा दाखिल करने को कहा है।

यह मामला चीफ जस्टिस Gurmeet Singh Sandhawalia और जस्टिस B. C. Negi की बेंच के समक्ष सुना गया। अदालत ने केंद्र सरकार से पूछा कि संशोधित उड़ान योजना कब तक लागू होगी और चंडीगढ़-शिमला रूट पर ट्विन इंजन हेलीकॉप्टर सेवा शुरू करने की क्या संभावनाएं हैं।

केंद्र सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि शिमला एयरपोर्ट पहाड़ी क्षेत्र में स्थित होने के कारण सीमित सुविधाओं वाला एयरपोर्ट है। यहां रनवे विस्तार की ज्यादा संभावना नहीं है। वर्तमान में केवल दो ATR-42 और एक हिंदुस्तान-228 विमान ही यहां संचालित हो सकते हैं। सरकार ने यह भी जानकारी दी कि दिल्ली-शिमला रूट पर ATR विमान सेवा 11 मई 2026 से दोबारा शुरू कर दी गई है।

सरकार ने अदालत में यह भी कहा कि उड़ान सेवाएं बंद होने के पीछे किसी प्रकार की लापरवाही नहीं थी। फंडिंग अवधि समाप्त होने और उपयुक्त विमान उपलब्ध न होने के कारण सेवाएं प्रभावित हुई थीं। अब नई उड़ान योजना तैयार की जा रही है और इसे जल्द लागू किया जाएगा।

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने चंडीगढ़-शिमला हेलीकॉप्टर सेवा को लेकर भी चिंता जताई। अदालत को बताया गया कि फिलहाल पवन हंस की सिंगल इंजन हेलीकॉप्टर सेवा संचालित हो रही है, जिसमें केवल 4 से 6 यात्री ही सफर कर सकते हैं। यह सेवा सप्ताह में केवल तीन दिन उपलब्ध रहती है। कोर्ट ने इसे अपर्याप्त माना।

अदालत ने कहा कि ट्विन इंजन हेलीकॉप्टर ज्यादा यात्रियों और अधिक सामान के साथ बेहतर सेवा दे सकता है। साथ ही राज्य सरकार से पूछा गया कि क्या ऐसे हेलीकॉप्टर की लैंडिंग जुब्बड़हट्टी एयरपोर्ट के अलावा शिमला शहर या संजौली के आसपास किसी अन्य स्थान पर भी कराई जा सकती है। अदालत ने माना कि जुब्बड़हट्टी एयरपोर्ट शहर से करीब 35 किलोमीटर दूर होने के कारण यात्रियों को अतिरिक्त परेशानी झेलनी पड़ती है।

गौरतलब है कि दिल्ली-शिमला हवाई सेवा पिछले सात महीनों से बंद थी, जिसे हाल ही में 11 मई को बहाल किया गया है। इस रूट पर कई बार उड़ान सेवाएं बीच में बंद होने की शिकायतें सामने आती रही हैं। हाईकोर्ट ने अब सेवाओं को नियमित और सुचारु बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।